सुपात्र होने पर भी
जिनकी जीभ नहीं लपलापायी
मुफ्त का सामान देखकर
किया हो जिन्होंने न्याय पर विश्वास
मुफ्त बांटे जाने वाली लाईन में
बिना धक्का मुक्की किये
अगली पंक्ति को लंगड़ी मार कर गिराए बिना
अपनी बारी का करते इंतज़ार
रह गये जो सबसे पीछे ...
उनका नंबर आने तक
खाली हो गयी दाता की झोली!
विधि की कठोरता
असमानता और अन्याय पर
करें यदि सवाल
सोचना तो बनता है !
पिछली शीत ऋतु में
जिन गिलहरियों ने
मुफ्त की मूंगफलियाँ ...
छक कर खाई हों
मिट्टी में मुंह दबा कर
मौसम के कहर पर आंसू बहाए आज
हँसना तो बनता है !!
जिसने खाई हो
मुफ्त की रेवड़ियाँ रच कर...
उनका ही
ग्रीष्मकालीन अवकाश में कर देना
तिल की गुणवत्ता
चीनी -गुड के भाव पर बवाल
हँसना तो बनता है!!
