सोमवार, 19 जुलाई 2021

पैरहन....

 



पत्थर भरी जमीं पर जहाँ कुछ नहीं उगता

 हौसला देखिये हमने घर वहाँ बनाये हैं!

दर्द, आँसू, ग़म, तन्हाई से कुछ नहीं बनता

मुस्कुराहटों के ही हमने पैरहन बनाये हैं....

7 टिप्‍पणियां:

  1. इस हौसले से बनी इमारतें कभी नहीं गिरतीं

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  2. ऐसा ही हौसला होना चाहिए ।
    मुस्कुराहट के पैरहन 👌👌👌👌

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  3. वा॥ चिट्ठे में लम्बे समयन्तराल के बाद सुन्दर हलचल।

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  4. वाह ,हृदयस्पर्शी पंक्तियाँ वाणी जी !

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  5. वाह अति प्रेरक,सकारात्मक अभिव्यक्ति।

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  6. इन्हीं मुस्कुराहटों पे हो निसार...

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