समय लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
समय लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, 1 मार्च 2014

मेरे अच्छे समय के साथी!





मेरे अच्छे दिनों के साथी 

बचा रखी है कुछ तुम्हारी कल्पनाएँ 

बुरे दिनों के लिए मैंने !

जब कभी बेचैनी में नींद न आये 

दुबक कर स्मृतियों की दोहर में 

लिपट सो रहती हूँ !

मेरे अच्छे समय के साथी! 

तुम्हारा हाथ थामे चलते 

इन पगडंडियों पर 

कुछ हसीं लम्हे चुरा कर रखती गयी हूँ

स्मृतियों की तिजोरी में !

उन दिनों के लिए

जब तुम साथ होकर भी साथ नहीं होते!!