शनिवार, 23 अप्रैल 2011

मौन ....स्वयं एक जवाब !




चपल रसना के लिए
कत्तई मुश्किल नहीं है
धृष्ट से धृष्टतम
सवालों का जवाब
देना इस तरह कि
निर्लज्जता भी
लज्जा से
पानी- पानी हो जाए ...

मगर
मर्यादा
और विश्वास
चुन लेते हैं
कई बार
मौन
और बन जाते हैं
स्वयं एक जवाब

उनके लिए
जो जानते हैं
किसी को
हराने के जूनून से
हर हाल में
बेहतर है
जीतने की सनक ....




64 टिप्‍पणियां:

  1. आपका कहना सही है ......बहुत गहरी भावाव्यक्ति

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  2. bilkul sahee jee

    sarthak lekhan sacchaaee se rubaru karwata.........

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  3. मेरी चुप्पी का मतलब ना समझना बेबसी,
    वक्त पर ही वक्त के पैगाम आते हैं ।

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  4. मर्यादा
    विश्वास
    चुन लेते हैं
    कई बार
    मौन
    और बन जाते हैं
    स्वयं एक जवाब.... मौन से बड़ा कोई विकल्प नहीं सत्य के लिए और सत्य हमेशा जीतना क्या चाहेगा , जीतता है ! पर इस मौन के गले पर अनगिनत कसाव होते हैं बेमानी सवालों के और अपनी अपनी विकृत मानसिकता के .

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  5. मौन भी कभी कभी सटीक जवाब का काम करता है.सटीक कविता है आपकी.

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  6. बहुत सही कहा आपने । बहुत बढ़िया रचना ।

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  7. मौन से बेहतर कौन ? बढिया प्रस्तुति...

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  8. मौन बहुत मुखर होता है !!बहुत सुन्दर बधाई

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  9. आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (25-4-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

    http://charchamanch.blogspot.com/

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  10. बहुत सही कहा आपने । बहुत बढ़िया रचना ।

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  11. अति उत्तम ,अति सुन्दर और ज्ञान वर्धक है आपका ब्लाग
    बस कमी यही रह गई की आप का ब्लॉग पे मैं पहले क्यों नहीं आया अपने बहुत सार्धक पोस्ट की है इस के लिए अप्प धन्यवाद् के अधिकारी है
    और ह़ा आपसे अनुरोध है की कभी हमारे जेसे ब्लागेर को भी अपने मतों और अपने विचारो से अवगत करवाए और आप मेरे ब्लाग के लिए अपना कीमती वक़त निकले
    दिनेश पारीक
    http://kuchtumkahokuchmekahu.blogspot.com/

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  12. बहुत सुन्दर रचना..
    लेकिन मैं सोचती हूँ..

    उनके लिए
    जो जानते हैं
    किसी को हराने के
    जुनून से
    हर हाल में
    बेहतर है
    हार जाने की
    सनक....

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  13. सच है चुप रह जाना हमेशा हार मान लेना नहीं होता..

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  14. @ अदा जी ,
    नहीं... हारना नहीं , हार नहीं माननी है ...
    जीतने के लिए किसी को हारने या हराने की जरुरत नहीं है....

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  15. samvedanshil bhavon ki utkrisht abhivyakti, prakashthha hai uncha sabit karne ki aadarshon ke
    aalok men .saumyata liye kavy .aabhar ji .

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  16. टाक इज सिल्वर साईलेंस इज गोल्ड

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  17. आदरणीय वाणी गीत जी
    नमस्कार !
    बहुत सटीक और उत्तम रचना!

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  18. मौन सोना है, एक गहरे अनुभव से उपजी संदेश भरी कविता !

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  19. सुंदर और गहन अभिव्यक्ति...... बहुत बढ़िया

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  20. मौन भी अपने आप में एक ज़वाब है..बहुत गहन अभिव्यक्ति..बहुत सुन्दर

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  21. मौन कभी कभी सटीक अभिव्यक्ति बन जाता है.सुन्दर अभिव्यक्ति.

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  22. yes u r right. maun jaise krodh ka dushman hai vaise hi jeetne ka ek maarg. sunder abhivyakti.

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  23. मर्यादा
    विश्वास
    चुन लेते हैं
    कई बार
    मौन
    और बन जाते हैं
    स्वयं एक जवाब..

    बहुत ही लाज़बाब अभिव्यक्ति ...सच के करीब

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  24. मौनं श्रेयस्करं . अति का भला ना बोलना . दुसरे को हराने के लिए तो कभी नहीं .

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  25. मौन का मतलब हमेशा हार मान लेना नहीं ... कभी कभी एक चुप सौ को हरा देती है ... अच्छी प्रस्तुति

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  26. बहुत सुन्दर कविता.. प्रेरित कर रही है...

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  27. kavita nisandeh bahut gahri ...badhyi bhi par aapke bare me nahi jan paya blog par aakar bhi....anusaran kar ke jaa raha hun fir koshish karoonga.

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  28. ... गर जीत गये तो क्या कहना, हारे भी तो बाज़ी हाथ नहीं ...

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  29. बहुत गहरे भाव। शुभकामनायें वैसे भी एक चुप सौ सुख होता है।

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  30. "मगर
    मर्यादा
    और विश्वास
    चुन लेते हैं
    कई बार
    मौन
    और बन जाते हैं
    स्वयं एक जवाब"
    "Silence is Golden" लाखों प्रश्नों का उत्तर है मौन.
    खुद पर भरोसा है मौन.सुन्दर एवं अनुभूति पूर्ण रचना.

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  31. हराने के जुनून से
    हर हाल में
    बेहतर है
    जीतने की सनक
    -----------------
    जिन्दगी को सलीका सिखाती.......सुन्दर रचना

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  32. prerak kavitaa. hamesha ki tarah . badhai, stareey lekhan k liye.

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  33. मौन/सत्य/तथ्य आदि सब सामर्थ्य ( बुद्धि या स्थूल शक्ति/सत्ता आदि ) से ही परिभाषित होते रहे, इस्लिये इनकी कोई अपनी सत्ता नहीं, ये स्वयमेव पराश्रित हैं, चुनौतीपूर्ण है - मूल का विवेचन, उसकी टोह-तड़प !!

    आभार !!

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  34. Maryaada ka moun hona hi galti ki shuruaat hai ... Maryaada aur vishvaas mukhar hon to pratishthit ho jaate hain ... bahut gahra bhaav hai is rachna mein ...

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  35. बहत खूबसूरत कविता... मौन कभी कमज़ोर नहीं होता...

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  36. वाणी जी, मौन शब्द ही अपने में बहुत गहराई लिए हुए है...बढ़िया शब्द पिरोए आपने कम शब्द में बढ़िया रचना..बधाई स्वीकारें

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  37. मौन और गर्व, हर इंसान को दिखेंगे लोग अपने आप पहचान लेंगे ! शुभकामनायें !!

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  38. 'maryaadaa aur vishvaash chun leten hain maun aur ban jaaten hain svyam ek zavaab !
    behtreen !
    bhaav kee paraakashthhaa maun hi to hai .
    veerubhai .

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  39. आखिरी चार पंक्तियों का सन्देश काफी सुंदर ओर प्रेरणादायक है.

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  40. बहुत गहरी बात कही है आपने ... बहुत सुन्दर रचना !

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  41. हराने के जुनून से
    हर हाल में
    बेहतर है
    जीतने की सनक


    मौन में वह ताकत है ।

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  42. आपकी कविता वटवृक्ष में पढी, आपका ब्‍लॉग देखा, बहुत अच्‍छा लगा , दिल्‍ली हिन्‍दी भवन में ब्‍लॉगर्स सम्‍मेलन में भी आपकी चर्चा सुनी । बधाई स्‍वीकारें......

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  43. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति। ऐसा मानना है कि सबसे प्रभावकारी संवाद माँ व उसके अबोध शिशु के बीच होता है। जहाँ शब्द मौन होते हैं वहाँ भावों की अभिव्यक्ति प्रधान हो जाती है। कभी मेरे ब्लॉग शिवमेवम् सकलम् जगत पर भी पधारे। विचारों का आदान-प्रदान होगा। निश्चय ही आनंद अनुभूति होगी।

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  44. कई बार, महज चुप लगा जाना भी हज़ारों जवाबों से कहीं ज़्यादा ताक़तवर हो सकता है :)

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  45. वाकई मौन भी एक जवाब ही है..बढ़िया अभिव्यक्ति..बधाई

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  46. जीतने की सनक ही हमें सफलता के द्वार तक ले जाती है।

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